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कंप्यूटर क्या है और कंप्यूटर के प्रकार।

कंप्यूटर क्या है और कंप्यूटर के प्रकार।

कंप्यूटर क्या है ? (What is computer ?)

कंप्यूटर शब्द इंग्लिश भाषा के शब्द कंप्यूटर (compute) से लिया गया है, जिसका का अर्थ होता है गणना करना । इस तरह कंप्यूटर (computer) का शाब्दिक अर्थ होता है गणना करने वाला । हिंदी भाषा में कंप्यूटर को संगणक कहा जाता है । कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (device) है जो user द्वारा दिए गए डाटा और निर्देशों (input) को एक्सेप्ट करता है, फिर डाटा की प्रोसेसिंग processing करता है, फिर यूज़र के निर्देशों (instructions) के अनुसार रिजल्ट (output) प्रदान करता है ।

हिंदी भाषा में कंप्यूटर की फुल फॉर्म क्या है ? (What is the full form of computer in hindi)

c – आमतौर पर (commonly)

o – संचालित (operated)

m – मशीन (machine)

p – विशेष रुप से (particularly)

u – प्रयुक्त (used)

t – तकनीकी (technical)

e – शैक्षणिक (educational)

r – अनुसंधान (research)

कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसका इस्तेमाल technical और educational कामों में किया जाता है ।

कंप्यूटर का आविष्कार किसने और कब किया?

सबसे पहले कंप्यूटर का आविष्कार सन 1822  में Charles Babbage ने किया था । चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage को कंप्यूटर का पिता (father of computer) भी कहा जाता है।

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं (Types of computer) 

कंप्यूटर के प्रकारों को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया गया है :-

  • कार्यप्रणाली के आधार पर (based on mechanism)
  • उद्देश्य के आधार पर (based on purpose)
  • आकार के आधार पर (based on sizes)

कार्यप्रणाली के आधार पर कंप्यूटर तीन प्रकार के होते हैं ।

  1. एनालॉग कंप्यूटर (analog computers)
  2. डिजिटल कंप्यूटर (digital computers)
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर (hybrid computers)

एनालॉग कंप्यूटर (Analog computer) :- इस कंप्यूटर का इस्तेमाल भौतिक मात्रा जैसे ऊंचाई, लंबाई, टेंपरेचर को नापने के लिए किया जाता है । यह कंप्यूटर इन मात्रा को नाप कर उसका रिजल्ट अंकों में व्यक्त करता है । इस प्रकार के कंप्यूटर output को ग्राफ के रूप में देते हैं । इन कंप्यूटरों के काम करने की स्पीड (speed) और मेमोरी (memory) कम होती है ।

डिजिटल कंप्यूटर (Digital computer) :- इस प्रकार के कंप्यूटर का इस्तेमाल digits की गणना करने में किया जाता है । डिजिटल कंप्यूटर में जीरो (0) और एक (1) दो अंक होते हैं, जिसके आधार पर यह कंप्यूटर काम करते हैं । इन कंप्यूटरों का उपयोग ज्यादातौर पर अर्थमैटिक ऑपरेशन को परफॉर्म करने के लिए किया जाता है। जैसे बैंकिंग, बिज़नस, शिक्षा । इन विभिन्न विभागों में डिजिटल कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है ।

हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid computer ) :- हाइब्रिड कंप्यूटर में एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर दोनों के गुण मौजूद होते हैं । इस प्रकार के कंप्यूटर का उपयोग पेट्रोल पंप और चिकित्सा में ज्यादा होता है । चिकित्सा में इस कंप्यूटर का उपयोग रोगी का ब्लड प्रेशर, धड़कन को मापने के लिए किया जाता है ।

 उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है :-

जनरल परपज कंप्यूटर (general purpose computer)

स्पेशल पर्पस कंप्यूटर (special purpose computer)

जनरल परपज कंप्यूटर (General purpose computer) :- इन कंप्यूटरों का उपयोग सामान्य कार्य करने के लिए किया जाता है । ज्यादातर इन कंप्यूटरों का उपयोग दुकानों और घरों में किया जाता है । इन कंप्यूटर का उपयोग दस्तावेज को प्रिंट करने और दस्तावेज को तैयार करने में किया जाता है ।

स्पेशल पर्पस कंप्यूटर (Special purpose computer) :-  इस प्रकार के कंप्यूटर का इस्तेमाल विशेष काम करने के लिए किया जाता है । आमतौर पर इन कंप्यूटरों का उपयोग अंतरिक्ष, कृषि विज्ञान, मौसम विज्ञान आदि में किया जाता है ।

आकार की आधार पर कम्प्यूटर्स पांच प्रकार की होते है

  • माइक्रो कंप्यूटर (micro computer)
  • मिनी कंप्यूटर (mini computer)
  • वर्कस्टेशन कंप्यूटर (workstation computer)
  • मेनफ्रेम कंप्यूटर (mainframe computer)
  • सुपर कंप्यूटर (super computer)

माइक्रो कंप्यूटर (Micro computer)  यह कंप्यूटर आकार में छोटे होते हैं। इस कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर का प्रयोग किया जाता है। माइक्रो कंप्यूटर को पीसी(PC) पर्सनल कंप्यूटर भी कहा जाता है । इस कंप्यूटर  का use पर्सनल (personal) कामों के लिए भी किया जाता है । इसलिए इन कंप्यूटर को personal कंप्यूटर भी  कहा जाता है । पर्सनल कंप्यूटर को भी अलग-अलग भागों में बांटा गया है । 

डेस्कटॉप कंप्यूटर (desktop computer)

टेबलेट कंप्यूटर (tablet computer)

लैपटॉप कंप्यूटर (laptop computer)

नोटबुक कंप्यूटर (notebook computer)

पाम टॉप कंप्यूटर (palmtop computer)

छोटे बिजनेस में माइक्रो कंप्यूटर का इस्तेमाल एकाउंटिंग के लिए किया जाता है । बड़े बिजनेस में इस कंप्यूटर का इस्तेमाल  वर्ड प्रोसेसिंग में किया जाता है । मनोरंजन के लिए भी इस कंप्यूटर का use किया जाता है ।

मिनी कंप्यूटर (Mini computer) मिनी कंप्यूटर साइज (size) में माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा होता है । इस कंप्यूटर में एक से ज्यादा सीपीयू (CPU) होते हैं । यह कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर के मुकाबले एक्सपेंसिव और अधिक मेमोरी वाले होते है । इस कंप्यूटर का इस्तेमाल बैंकों में, सरकारी दफ्तरों में और बड़ी कंपनियों में किया जाता है । इस कंप्यूटर पर एक से भी अधिक लोग एक साथ एक ही समय में काम कर सकते हैं । PDP-8 पहला मिनी कंप्यूटर है, जिसका विकास 1965 में हुआ था । इस कंप्यूटर को DEC मतलब डिजिटल इक्विपमेंट कारपोरेशन कंपनी ने बनाया था ।

वर्कस्टेशन कंप्यूटर (workstation computer) को सिंगल यूज़र कंप्यूटर (single user computer) भी कहा जाता है । इस कंप्यूटर पर एक समय पर एक ही व्यक्ति काम कर सकता है ।

मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe computer) यह कंप्यूटर मिनी कंप्यूटर से मुकाबले ज्यादा स्पीड और क्षमता वाले होते है । मेनफ्रेम कंप्यूटर size में बड़े होते हैं। मेनफ्रेम कंप्यूटर में प्रोसेसिंग पावर ज्यादा होती है, इसलिए इन कंप्यूटर में data को जल्दी से प्रोसेसिंग करने की capacity होती है । इस  कंप्यूटर का उपयोग सरकारी विभागों, बड़ी कंपनियों में किया जाता है । इस कंप्यूटर पर हजारों लोग एक साथ काम कर सकते हैं । इस कंप्यूटर की स्पीड मिलियन इंस्ट्रक्शंस पर सेकंड (MIPS) में मापी जाती है ।

सुपर कंप्यूटर (Super computer)  सुपर कंप्यूटर स्पेशल कंप्यूटर होते हैं। इनका उपयोग विशेष कामो में किया जाता है । इन  कंप्यूटर की कीमत भी बहुत ज्यादा होती है । यह कंप्यूटर बहुत स्पीड से काम करता है इसलिए high level की कैलकुलेशन के लिए सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है । सुपर कंप्यूटर दुनिया के सबसे बड़े और फ़ास्ट कंप्यूटर होते हैं ।एक सुपर कंप्यूटर में एक से अधिक सेंट्रल प्रोसेसिंग (CPU) यूनिट होते है । इन कम्प्यूटर्स का उपयोग मौसम विज्ञानं, युद्ध, और अंतरिक्ष यात्रा में किया जाता है । परम इंडिया का सबसे पहला सुपर कंप्यूटर है ।

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